प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस 2026 पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं के साथ विशेष संवाद किया। उन्होंने बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम पर चिंता जताते हुए शिक्षकों से बच्चों को मैदानी खेलों से जोड़ने का आग्रह किया। शाम को वे दिल्ली विश्वविद्यालय के SRCC के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर 5 सितंबर को अपने आधिकारिक आवास पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित शिक्षकों के साथ एक विशेष संवाद सत्र आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, बच्चों के विकास और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने बच्चों में तेजी से बढ़ती 'स्क्रीन टाइम' की लत पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बच्चों को वीडियो गेम और डिजिटल उपकरणों की बजाय मैदान पर होने वाले वास्तविक खेलों की ओर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से स्कूलों में ऐसे कार्यक्रमों को नियमित करने का आग्रह किया जो बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें।
पीएम मोदी ने कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई विशेष हुनर होता है और शिक्षकों का दायित्व है कि वे केवल शैक्षणिक प्रदर्शन तक सीमित न रहकर बच्चों की छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानें और उन्हें तराशें। उन्होंने शिक्षा को किताबों और पाठ्यक्रम से परे ले जाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
शाम को प्रधानमंत्री दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह कॉलेज अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित छात्रों और शिक्षकों को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ब्रेस्ट कैंसर के प्रति चलाए गए सफल जागरूकता अभियान का भी उल्लेख किया और बताया कि कैसे जन-भागीदारी से बड़े सामाजिक बदलाव संभव हैं।