वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यालय ने 10 सितंबर को एक साइबर धोखाधड़ी अभियान के बारे में जनता को सतर्क किया। साइबर अपराधी AI से बनाए गए डीपफेक वीडियो और ऑडियो क्लिप के जरिए लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं में फंसा रहे हैं।
नई दिल्ली। वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यालय ने बुधवार 10 सितंबर 2026 को एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी के बारे में जनता को आगाह किया। साइबर अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके प्रियंका गांधी के डीपफेक वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग बना रहे हैं।
ये नकली वीडियो WhatsApp और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर वायरल किए जा रहे हैं, जिनमें लोगों को लाभदायक निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रियंका गांधी के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि ये वीडियो पूरी तरह फर्जी हैं।
कार्यालय ने जनता को सलाह दी है कि ऐसे पोस्ट को रिपोर्ट करें और ब्लॉक करें, किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और इन वीडियो के आधार पर कोई भी निवेश न करें। यह घटना भारत में AI-आधारित प्रतिरूपण के बढ़ते खतरे को उजागर करती है।
इससे पहले अगस्त 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भी एक ऐसा ही फर्जी वीडियो वायरल हुआ था, जिसे सरकारी फैक्ट-चेक इकाइयों ने खारिज किया था। साइबर विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना को आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों के माध्यम से सत्यापित करें।
प्रियंका गांधी वाड्रा नवंबर 2024 में वायनाड उपचुनाव जीतकर सांसद बनी थीं। उन्होंने 4,10,931 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। वे लगातार अपने क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय हैं।