केंद्रीय कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी ने 9 सितंबर को कहा कि CSR निवेश महानगरों तक सीमित न रहे, बल्कि आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों तक पहुंचे। उन्होंने 'विकसित भारत' के लक्ष्य को पाने के लिए उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी की मांग की।
नई दिल्ली। केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने 9 सितंबर 2026 को CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) खर्च में भौगोलिक असंतुलन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि CSR निवेश अभी भी महानगरों और स्थापित औद्योगिक केंद्रों तक सीमित है।
जयंत चौधरी ने निजी क्षेत्र से आग्रह किया कि वे अपना ध्यान आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों तक विस्तारित करें। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने के लिए सरकार के साथ-साथ उद्योग जगत, नागरिक समाज और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
मंत्री ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में उद्योग की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने PM-SETU योजना का उल्लेख किया, जिसमें लगभग ₹60,000 करोड़ का प्रावधान है और जो कौशल संस्थानों और कार्यस्थल के बीच संबंध मजबूत करती है।
जयंत चौधरी के नेतृत्व में मंत्रालय ने 2026 में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। जून 2026 में 63 उद्योग-प्रासंगिक ट्रेडों में IndiaSkills Competition 2026-27 लॉन्च किया गया। जुलाई 2026 में ₹530 करोड़ का Skills Outcomes Fund पेश किया गया, जो दो लाख से अधिक युवाओं को उद्योग-संबद्ध प्रशिक्षण और रोजगार देगा।
RLD प्रमुख जयंत चौधरी ने 3 सितंबर को सहारनपुर में रैली के साथ 'मिशन-2027' का आगाज किया था। उन्होंने पार्टी संगठन में फेरबदल करते हुए ऐश्वर्य राज सिंह को UP का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।