RLD अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने 2027 UP चुनाव के लिए रणनीति तेज की है। 30 अगस्त को लखनऊ में राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद अब NDA के साथ सीट-शेयरिंग पर बातचीत जारी है। जाट-गुर्जर-दलित-मुस्लिम (JGDM) सोशल इंजीनियरिंग पर पार्टी का जोर है।
लखनऊ। राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के अध्यक्ष और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति को और तेज कर दिया है। 30 अगस्त 2026 को लखनऊ में आयोजित RLD के राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों में तेजी लाई है।
जयंत चौधरी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन में हैं और NDA के साथ सीट-शेयरिंग को लेकर भाजपा नेतृत्व के साथ निरंतर संपर्क में हैं। पार्टी जाट, गुर्जर, दलित और मुस्लिम (JGDM) समुदायों को एक मंच पर लाने के लिए सोशल इंजीनियरिंग पर काम कर रही है। पार्टी में संगठनात्मक बदलाव भी किए गए हैं, जिसमें केसी त्यागी को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त करना शामिल है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा जयंत चौधरी को 'चवन्नी' कहे जाने पर जयंत ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने इसे जाट समाज और चौधरी चरण सिंह की विचारधारा का अपमान बताया। इस विवाद में BSP प्रमुख मायावती ने भी जयंत चौधरी का समर्थन करते हुए अखिलेश यादव से माफी की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री के रूप में जयंत चौधरी देश में युवाओं के कौशल विकास और डिजिटल समावेशन पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 से घटाकर 21 वर्ष करने की वकालत भी की है, जिससे युवाओं में उनकी लोकप्रियता बढ़ रही है।