2027 UP विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने दलित वोट बैंक को साधने की नई रणनीति अपनाई है। समाजवादी छात्र सभा की वर्दी में अब लाल के साथ नीला रंग भी शामिल किया गया है। अखिलेश ने BJP नेता विनोद तावड़े को 'पागल' कहते हुए PDA फॉर्मूले पर उनके बयान का करारा जवाब दिया।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। UP में 21% दलित वोट बैंक को साधने के लिए SP ने अपने पारंपरिक लाल रंग के साथ नीले रंग को भी अपनाया है। समाजवादी छात्र सभा की नई वर्दी में नीली शर्ट पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर और साइकिल का चिह्न लगाया गया है।
अखिलेश यादव ने BJP के UP प्रभारी विनोद तावड़े के उस बयान पर तीखा पलटवार किया जिसमें तावड़े ने SP के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को 'पराया धन अपना' बताया था। अखिलेश ने तावड़े को 'पागल' करार देते हुए कहा कि BJP धन हड़पने और राजनीतिक कथाओं को तोड़-मरोड़ने में माहिर है।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्त किए जाने पर अखिलेश ने सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार बेरोजगारी और महंगाई जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां कर रही है। SP के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को सहारनपुर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया।
अखिलेश ने विश्वास जताया कि 2027 में SP और उसके सहयोगी दल UP में सरकार बनाएंगे। उन्होंने राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण जैसे समाजवादी नेताओं का हवाला देते हुए BJP पर समाजवादी मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया।