उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7 सितंबर को देहरादून में 'हिमालयो नाम नगाधिराजः' कार्यक्रम में 'हिमालय विभूति सम्मान' की घोषणा की। यह सम्मान प्रतिवर्ष हिमालय दिवस (9 सितंबर) पर हिमालय संरक्षण में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को दिया जाएगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7 सितंबर 2026 को देहरादून के वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित 'हिमालयो नाम नगाधिराजः' कार्यक्रम में 'हिमालय विभूति सम्मान' की घोषणा की। यह सम्मान प्रतिवर्ष हिमालय दिवस (9 सितंबर) के अवसर पर उन विशिष्ट व्यक्तियों को प्रदान किया जाएगा जो हिमालय के संरक्षण, संवर्धन और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हिमालय परिषद को ₹1 करोड़ की धनराशि देने की भी घोषणा की, ताकि परिषद की सुविधाओं और गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने कहा कि हिमालय न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश की जीवन रेखा है।
CM धामी ने कहा कि हिमालय के संरक्षण के लिए शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के योगदान को मान्यता देना आवश्यक है। इस सम्मान के माध्यम से ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा जो हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए समर्पित हैं।
उत्तराखंड सरकार पहले से ही 'उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान' और 'दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान' जैसे पुरस्कारों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करती रही है। 'हिमालय विभूति सम्मान' इस श्रृंखला में एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा।