सहारनपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2015 के गैंगरेप मामले में दो पूर्व पुलिस अधिकारियों को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। पीड़िता गर्भवती थी और न्याय के लिए 11 साल लड़ती रही।
सहारनपुर, 6-7 नवंबर। सहारनपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2015 के गैंगरेप मामले में दो पूर्व पुलिस अधिकारियों को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषियों में पूर्व SHO ब्रजमोहन यादव (जो बाद में DSP बने) और पूर्व सब-इंस्पेक्टर वेगपाल सिंह (जो इंस्पेक्टर बने) शामिल हैं।
अगस्त 2015 में पीड़िता, जो उस समय ढाई महीने की गर्भवती थी, अपने पति के झूठे मुकदमे में मदद मांगने देवबंद थाने गई थी। वहां इन अधिकारियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। कोर्ट ने IPC की धारा 376D (गैंगरेप) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोनों को दोषी पाया।
कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर ₹1.20 लाख का जुर्माना भी लगाया, जिसका अधिकांश हिस्सा पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। यह कानूनी लड़ाई लगभग 11 साल और 3 महीने तक चली, जिस दौरान पीड़िता ने लगातार धमकियों और शारीरिक हमलों का सामना किया।
मामले के अन्य आरोपियों पर मानसिक बीमारी या पहचान न हो पाने के कारण मुकदमा नहीं चलाया जा सका। यह फैसला पुलिस अत्याचार के खिलाफ न्याय की एक महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है।
इस फैसले ने पुलिस सुधार और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा की मांग को फिर से उठाया है। महिला संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि यह अन्य पीड़ितों को न्याय के लिए लड़ने की प्रेरणा देगा।