दिल्ली में दिवाली से पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक 382 पर पहुंच गया, जो 8 साल में सबसे खराब है। CAQM ने GRAP-3 लागू किया, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाया।
नई दिल्ली, 7 नवंबर। दिल्ली में दिवाली से पहले वायु प्रदूषण 8 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। 6 नवंबर को 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में है और 'गंभीर' स्तर से महज 18 अंक कम है। 7 नवंबर की सुबह AQI 364 था और 18 निगरानी स्टेशन 'गंभीर' स्तर दर्ज कर रहे थे।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से GRAP-3 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का तीसरा चरण) लागू किया। इसके तहत दिल्ली और NCR के उच्च घनत्व वाले जिलों में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
शिक्षा विभाग ने कक्षा 5 तक के स्कूलों को हाइब्रिड (ऑनलाइन/ऑफलाइन) मोड में संचालित करने का निर्देश दिया। कार्यालयों को 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की सलाह दी गई। नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और कोयला-लकड़ी जलाने से परहेज करने की अपील की गई।
प्रदूषण के मुख्य कारणों में परिवहन (17.6%), पराली जलाना और औद्योगिक गतिविधियां शामिल हैं। इस बार पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने में कमी आई है, लेकिन मध्य प्रदेश और राजस्थान में इसमें वृद्धि देखी गई है। स्थिर हवाएं और तापमान व्युत्क्रमण ने स्थिति को और बिगाड़ा है।
दिल्ली-NCR के कई निगरानी स्टेशनों में तकनीकी खराबी के कारण डेटा अंतराल भी देखा गया, जिससे व्यापक AQI आकलन में बाधा आई।