दिल्ली में दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 384 तक पहुंच गया है जो 10 साल में सबसे खराब दिवाली पूर्व संध्या रही। पंजाबी बाग में AQI 450 तक पहुंचा। GRAP-3 लागू है और स्कूलों में हाइब्रिड मोड जारी है।
दिल्ली में दिवाली के बाद 8 नवंबर 2026 को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 384 तक पहुंच गया जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। कुछ इलाकों जैसे पंजाबी बाग में AQI 450 तक पहुंच गया। यह पिछले 10 साल में सबसे प्रदूषित दिवाली की पूर्व संध्या रही।
दिल्ली में GRAP-3 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) लागू है जिसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल जनरेटर बंद और भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। स्कूलों में हाइब्रिड मोड जारी है जिसमें छात्र घर से पढ़ाई कर सकते हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने पटाखों के साथ-साथ पराली जलाने और वाहन प्रदूषण को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। दिल्ली सरकार ने पटाखों पर प्रतिबंध लगाया था लेकिन इसका पालन नहीं हुआ।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है। N95 मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियां कम करने की भी सिफारिश की गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने दिल्ली-NCR के सभी जिलों में वायु गुणवत्ता की निगरानी बढ़ा दी है। अगले कुछ दिनों में हवा की गति बढ़ने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।