1 सितंबर को हतिनीकुंड बैराज पर मॉक ड्रिल के दौरान यमुना में बह गए दोनों पैरा कमांडो के शव बरामद हो गए। अजय का शव सहारनपुर में मछुआरे के जाल में मिला, जबकि आर्यन पाटिल का शव 200 किमी दूर हरियाणा के जींद में मिला।
1 सितंबर 2026 को हरियाणा के यमुनानगर स्थित हतिनीकुंड बैराज पर एक मॉक ड्रिल के दौरान यमुना नदी में बह गए दोनों पैरा कमांडो के शव बरामद हो गए। हिमाचल प्रदेश के नाहन स्थित स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग स्कूल के पाँच कमांडो चिनूक हेलीकॉप्टर से मोटरबोट में उतरने का अभ्यास कर रहे थे, जब तकनीकी खराबी के कारण नाव पलट गई। तीन कमांडो सुरक्षित निकल गए, लेकिन दो यमुना की तेज धारा में बह गए।
पहले कमांडो अजय (जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी) का शव 2 सितंबर को सहारनपुर जिले के बरथा कोरसी गाँव के पास एक मछुआरे के जाल में मिला। यह बैराज से करीब 12-15 किलोमीटर नीचे था। दूसरे कमांडो आर्यन पाटिल (महाराष्ट्र के सांगली निवासी) का शव 3 सितंबर को हरियाणा के जींद जिले के अमरेहड़ी गाँव के पास हंसी ब्रांच नहर में मिला। पानी की धारा उन्हें करीब 200 किलोमीटर दूर बहा ले गई थी।
भारतीय सेना, NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस ने मिलकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें करीब 50 जवान, हवाई निगरानी और सिंचाई विभाग की मदद ली गई। दोनों वीर जवानों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं।