सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर बनी अवैध मस्जिद को 5 सितंबर की सुबह प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। जिला जज की अदालत द्वारा मस्जिद कमेटी की अपील खारिज होने के बाद यह कार्रवाई हुई। SP सांसद इक्रा हसन को हाउस अरेस्ट किया गया, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसे 'काला दिन' बताया।
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 5 सितंबर 2026 की सुबह एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई। कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर बनी एक मस्जिद को अदालत के आदेश के बाद बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई सुबह 5 बजे शुरू हुई और इस दौरान कलेक्ट्रेट के सभी पांच गेट सील कर दिए गए।
पृष्ठभूमि के अनुसार, पूर्व बजरंग दल क्षेत्रीय संयोजक विकास त्यागी की शिकायत पर 10 फरवरी 2025 को मामला दर्ज हुआ था। 24 मार्च 2025 को UP सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम 1972 के तहत सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की गई। 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को अवैध निर्माण घोषित करते हुए ₹6.41 करोड़ का जुर्माना लगाया और 30 दिन में परिसर खाली करने का आदेश दिया। मस्जिद कमेटी की अपील 17 सुनवाइयों के बाद 2 सितंबर 2026 को जिला जज की अदालत ने खारिज कर दी।
कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, RAF और PAC तैनात रही। DIG सहारनपुर अभिषेक सिंह ने बताया कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया गया।
इस कार्रवाई के विरोध में SP सांसद इक्रा हसन को उनके कैराना स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधि के अधिकारों का हनन बताया। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसे सहारनपुर के लिए 'काला दिन' करार दिया। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 1911 के दस्तावेजों का हवाला देते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए। BSP सुप्रीमो मायावती ने भी सरकार से मस्जिदों को अवैध बताकर ध्वस्त करने के अभियान पर रोक लगाने की मांग की।