सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) करेंसी चेस्ट में ₹17.29 करोड़ के नकली नोट मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 4 सितंबर 2026 को जांच अपने हाथ में ले ली। 8 सदस्यीय NIA टीम बैंक के पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
सहारनपुर के घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपये के नकली नोट मिलने के मामले में 4 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में ले ली। 8 सदस्यीय NIA टीम रात भर बैंक के पुराने रिकॉर्ड, लेन-देन के इतिहास और दस्तावेजों की गहन जांच करती रही।
मामले का खुलासा 10 अगस्त को हुआ था जब PNB ने RBI के जयपुर कार्यालय में नकदी भेजी और वहाँ गिनती के दौरान ₹4.36 लाख की कमी पाई गई। इसके बाद विस्तृत ऑडिट में असली नोटों की जगह नकली नोट मिले। शुरुआत में ₹7.4 करोड़ के नकली नोट मिले थे, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा ₹17.29 करोड़ तक पहुँच गया।
मामले में बैंक के तीन वरिष्ठ अधिकारियों—सीनियर डिविजनल मैनेजर रवि कुमार, करेंसी चेस्ट मैनेजर सुशील शर्मा और अमित कुमार—को निलंबित किया गया है। पार्ट-टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार के खिलाफ भी अलग से मामला दर्ज किया गया है। आरोपी अधिकारियों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं।
NIA की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बैंक की सुरक्षित करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुँचे और इसके पीछे कौन सा संगठित नेटवर्क सक्रिय है। सहारनपुर पुलिस की फॉरेंसिक टीम भी साक्ष्य जुटाने में लगी है। छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की गिनती अभी जारी है।