केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026' में लखनऊ ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में पहला स्थान हासिल किया। लखनऊ ने 198 अंकों के साथ इंदौर (197 अंक) को पीछे छोड़ा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026' में लखनऊ ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में पहला स्थान हासिल किया है। लखनऊ ने 198 अंक प्राप्त किए, जबकि इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
इस उपलब्धि के लिए लखनऊ नगर निगम को ₹1.50 करोड़ का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में विजेता शहरों को पुरस्कृत किया।
लखनऊ की इस सफलता के पीछे कई कारक रहे: शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए लगभग 1,100 इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग, 140 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, 97 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों का उपयोग और 559.85 किलोमीटर सड़कों का एंड-टू-एंड पक्कीकरण। इसके अलावा 22 सघन शहरी वन (अर्बन फॉरेस्ट) तैयार किए गए हैं।
इस सर्वेक्षण में पहली बार वार्डों को भी शामिल किया गया। 30,000 से अधिक आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में लखनऊ का वार्ड नंबर 70 (पेपर मिल कॉलोनी) देश में सर्वश्रेष्ठ चुना गया, जिसे ₹50 लाख का पुरस्कार मिला। उत्तर प्रदेश के कुल 16 शहरों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रैंकिंग में सुधार किया है।