CM योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के मंच से अखिलेश यादव पर निशाना साधा। बोले — जिन्होंने अयोध्या को खून से रंगा, उन्हें पहले राम भक्तों से क्षमा मांगनी होगी।
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव के भव्य आयोजन के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने बिना नाम लिए अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग अयोध्या आना चाहते हैं, उनका स्वागत है — लेकिन पहले उन्हें 1990 में कारसेवकों पर हुई पुलिस फायरिंग के लिए राम भक्तों और संतों से माफी मांगनी होगी।
योगी ने कहा, 'जिन्होंने अयोध्या को खून से रंगा, जिन्होंने संतों का अपमान किया, जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व को ही कोर्ट में चुनौती दी — वे आज राम मंदिर जाने की बात कर रहे हैं। प्रभु राम दयालु हैं, वे माफ करेंगे, लेकिन पहले पश्चाताप तो करो।' उनका यह बयान अखिलेश यादव की 12 दिसंबर को परिवार सहित राम मंदिर दर्शन की घोषणा के बाद आया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ नेता धार्मिक आयोजनों में आकर उन्हें मुशायरे में बदलने की कोशिश करते हैं और परंपराओं का सम्मान नहीं करते। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले राम के अस्तित्व को नकारते थे, वे अब राजनीतिक मजबूरी में मंदिर जाने की बात कर रहे हैं — जनता सब समझती है।
दीपोत्सव के मंच से योगी ने अयोध्या के कायाकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले जहां कर्फ्यू लगता था, आज वहां 30 लाख दीपों की रोशनी है। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नए घाट और विकास परियोजनाएं अयोध्या को त्रेता युग की भव्यता लौटा रही हैं।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की उपस्थिति में हुए इस आयोजन में 56 घाटों पर 30 लाख दीप जलाए गए। योगी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे भी अपने घरों में दीप जलाकर इस ऐतिहासिक उत्सव का हिस्सा बनें।
*Photo: Wikimedia Commons / PIB/PMO, GODL-India*