केंद्र सरकार ने मणिपुर में जनगणना 2027 के तहत प्रस्तावित मकान सूचीकरण प्रक्रिया को अगली घोषणा तक स्थगित कर दिया है। 5 सितंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, NRC की मांग और नागरिक समाज संगठनों के विरोध के बाद यह निर्णय लिया गया। शेष भारत में जनगणना प्रक्रिया जारी रहेगी।
नई दिल्ली/इंफाल। केंद्र सरकार ने मणिपुर में 'जनगणना 2027' के तहत प्रस्तावित मकान सूचीकरण (हाउस-लिस्टिंग) प्रक्रिया को अगली घोषणा तक स्थगित कर दिया है। भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ने 5 सितंबर 2026 को आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। इंफाल घाटी के 14 नागरिक समाज संगठनों ने मांग की थी कि जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू किया जाए। उनका तर्क है कि म्यांमार से कथित अवैध प्रवासन के कारण राज्य की जनसांख्यिकी प्रभावित हो रही है।
जनगणना प्रक्रिया के विरोध में राज्य में मशाल रैलियां और प्रदर्शन हुए थे। नागरिक संगठनों का मानना है कि बिना NRC के जनगणना होने पर अवैध प्रवासियों के नाम आधिकारिक आंकड़ों में शामिल हो सकते हैं, जिसका भविष्य के परिसीमन और मूल निवासियों के राजनीतिक अधिकारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
मणिपुर हाईकोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई हुई, जहां केंद्र सरकार ने अदालत को सूचित किया कि जनगणना प्रक्रिया रोक दी गई है। अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित है। मणिपुर विधानसभा ने अगस्त 2022 और मार्च 2024 में NRC लागू करने के पक्ष में प्रस्ताव पारित किए थे।