बिहार के 11 जिलों में बाढ़ से 10.26 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.53 मीटर पहुंचा, जो 2016 के 50.52 मीटर के रिकॉर्ड को पार कर गया। NDRF की 7 और SDRF की 27 टीमें तैनात हैं, 858 नावें चल रही हैं।
पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 5 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में बाढ़ का व्यापक असर देखा गया है। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया शामिल हैं।
पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 5 सितंबर को सुबह 10 बजे 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो 2016 के 50.52 मीटर के पिछले उच्चतम रिकॉर्ड को पार कर गया। गंगा के अलावा गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
राहत और बचाव के लिए NDRF की 7 और SDRF की 27 टीमें तैनात की गई हैं। 858 नावों का परिचालन किया जा रहा है। 38 सामुदायिक रसोई केंद्रों से 1.21 लाख से अधिक लोगों को भोजन कराया गया है। 12,000 से अधिक पॉलीथीन शीट और 2,300 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में 50 चिकित्सा शिविर और 36 पशु चिकित्सा शिविर सक्रिय हैं। पटना में जलजमाव रोकने के लिए नगर निगम ने 94 अतिरिक्त पंप लगाए हैं और शहर की सुरक्षा दीवार के सभी 108 निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। नेपाल में भारी बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा है।