उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता से 32 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। 1,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 105 राहत शिविरों में 2,400 से अधिक लोग आश्रय ले रहे हैं। IMD ने 50 से अधिक जिलों में 6 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के कारण 32 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी सहित 22 जिलों में स्थिति गंभीर है।
राज्य सरकार ने व्यापक राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। 1,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 105 राहत शिविर सक्रिय हैं, जिनमें 2,400 से अधिक लोग आश्रय ले रहे हैं। सैकड़ों नावें, मोटरबोट और चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं। बलिया में गंगा और सरयू नदियों के उफान से लगभग 20,500 लोग प्रभावित हैं।
सीतापुर में भारी बारिश से दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जबकि प्रतापगढ़ में मकान ढहने से एक बच्चे की जान गई। अमरोहा में भी दो लोगों की मौत हुई और गाजीपुर में दो किशोर गंगा में बह गए।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान सहित 12 से 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। UP के 50 से अधिक जिलों में 6 सितंबर तक भारी से अति भारी बारिश, वज्रपात और बाढ़ का खतरा बना हुआ है। सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, भदोही, चित्रकूट और कौशांबी में फ्लैश फ्लड का विशेष अलर्ट है।