समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की वोटर ID को कल्याण योजनाओं से जोड़ने की नीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूछा कि जिन बच्चों के पास वोटर कार्ड नहीं है, क्या उन्हें मिड डे मील से वंचित किया जाएगा?
लखनऊ, 8 नवंबर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की उस नीति पर कड़ा प्रहार किया जिसमें वोटर ID (EPIC) को सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान के लिए अनिवार्य करने की बात कही गई है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश ने पूछा कि जो बच्चे अभी मतदान की उम्र के नहीं हैं, उनके पास वोटर कार्ड कहां से आएगा?
अखिलेश यादव ने विशेष रूप से मिड डे मील योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर स्कूलों में बच्चों को वोटर ID के बिना खाना नहीं मिलेगा, तो यह सरकार की सबसे बड़ी क्रूरता होगी। उन्होंने इसे गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
इससे पहले 6 नवंबर को अखिलेश यादव ने CM योगी के उस दावे पर भी सवाल उठाया था जिसमें कहा गया था कि 1.27 करोड़ 'हिंदू मतदाताओं' के नाम मतदाता सूची से काटे गए। उन्होंने पूछा कि क्या चुनाव आयोग ने राज्य सरकार के साथ संवेदनशील मतदाता डेटा साझा किया?
SP प्रमुख ने यह भी कहा कि वोटर ID को कल्याण योजनाओं से जोड़ना एक 'गहरी साजिश' है जिसके जरिए BJP विरोधी मतदाताओं को पहले मतदाता सूची से हटाया जाएगा और फिर उन्हें सरकारी योजनाओं से भी वंचित किया जाएगा। उन्होंने इसे 'लोकतंत्र का अपहरण' करार दिया।
अखिलेश यादव ने मांग की कि सरकार इस नीति को तत्काल वापस ले और स्पष्ट करे कि किसी भी कल्याण योजना का लाभ वोटर ID से नहीं जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि SP सरकार बनने पर ऐसी किसी भी नीति को रद्द किया जाएगा।
*Photo: Wikimedia Commons / Prateek Dubey, CC BY 3.0*