समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 12 दिसंबर 2026 को परिवार सहित अयोध्या में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी के दर्शन की योजना बनाई है। CM योगी ने इस पर माफी की मांग रखी है जबकि VHP ने इसे राजनीतिक करार दिया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 12 दिसंबर 2026 को परिवार सहित अयोध्या में श्री राम मंदिर और हनुमानगढ़ी के दर्शन करने की योजना बनाई है। यह प्राण प्रतिष्ठा के बाद उनका पहला राम मंदिर दर्शन होगा।
इस खबर पर CM योगी आदित्यनाथ ने आजतक पंचायत में कहा कि सनातन धर्म के हर भक्त का अयोध्या में स्वागत है, लेकिन SP नेता को पहले 1990 में मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में कारसेवकों पर हुई फायरिंग और संतों के अपमान के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी अखिलेश यादव के इस दौरे को राजनीतिक प्रेरित बताया है। VHP नेताओं ने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह दौरा हिंदू मतदाताओं को लुभाने की कोशिश है।
उल्लेखनीय है कि अखिलेश यादव इससे पहले अयोध्या में श्रीमद् भागवत कथा में शामिल हुए थे लेकिन उस समय राम मंदिर नहीं गए थे। अब उनके 12 दिसंबर के दौरे को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
SP की ओर से कहा गया है कि यह दौरा पूरी तरह धार्मिक है और इसे राजनीतिक रंग देना BJP की साजिश है। अखिलेश यादव ने कहा है कि राम मंदिर सभी हिंदुओं का है और वे परिवार के साथ दर्शन करने जाएंगे।
*Photo: Wikimedia Commons / Prateek Dubey, CC BY 3.0*