समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव जनवरी 2024 में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार 12 नवंबर को परिवार के साथ अयोध्या राम मंदिर के दर्शन करेंगे। यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लखनऊ, 7 नवंबर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 12 नवंबर 2026 को अपने परिवार के साथ अयोध्या के राम मंदिर के दर्शन करने जाएंगे। यह जानकारी शनिवार को सामने आई। यह जनवरी 2024 में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उनकी पहली यात्रा होगी, जिस समारोह में उन्होंने शामिल होने से मना कर दिया था।
अखिलेश यादव का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह कदम SP की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले अखिलेश यादव ने अयोध्या में श्रीमद् भागवत कथा में भाग लिया था, लेकिन उस समय राम मंदिर नहीं गए थे।
SP नेताओं का कहना है कि अखिलेश यादव का यह दौरा धार्मिक आस्था का प्रतीक है और इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि BJP नेताओं ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी नेताओं को राम मंदिर की याद आती है।
BJP के राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी ने बस्ती दौरे के दौरान अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने पिता मुलायम सिंह यादव की वजह से मुख्यमंत्री बने थे, न कि अपनी योग्यता से। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव चुनाव लड़ने से डरते हैं। गोरखपुर सांसद रवि किशन ने भी कहा कि 2027 में CM बनने का अखिलेश का सपना पूरा नहीं होगा।
इस बीच, SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर SP और BJP के बीच तनातनी जारी है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि BJP फर्जी Form-7 के जरिए PDA वोटरों के नाम काट रही है।
*Photo: Wikimedia Commons / Prateek Dubey, CC BY 3.0*