उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजतक पंचायत में दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि उनकी सरकार ने चुनाव आयोग को मेमोरेंडम देकर 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट और ECI डेटा की तुलना से यह आंकड़ा सामने आया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजतक पंचायत में दिए विस्तृत इंटरव्यू में मतदाता सूची विवाद पर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग के डेटा की तुलना करके पाया कि 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम ECI की सूची में नहीं हैं।
CM योगी ने कहा कि इस आंकड़े में 66 लाख वे लोग शामिल हैं जो पंचायत वोटर लिस्ट में हैं लेकिन विधानसभा क्षेत्र की सूची में नहीं, 55 लाख सरकारी योजनाओं के लाभार्थी जो वोटर लिस्ट से गायब हैं, और लगभग 4.5 लाख 18-19 वर्ष के युवा जो अभी तक पंजीकृत नहीं हुए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में चुनाव आयोग को विधिवत मेमोरेंडम सौंपा जा चुका है।
बुलडोजर कार्रवाई पर CM योगी ने स्पष्ट किया कि यह माफियाओं और सार्वजनिक या निजी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का माध्यम है, न कि न्यायिक विकल्प। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर CM योगी ने NDA के 350 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य दोहराया। उन्होंने '80-20' समीकरण को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह 80% उन मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करता है जो सुरक्षा, सुशासन और विकास चाहते हैं, जबकि 20% वे हैं जो अराजकता और तुष्टिकरण की राजनीति का समर्थन करते हैं।
SP के 'PDA' फॉर्मूले पर CM योगी ने कहा कि यह 'Family Development Authority' बनकर रह गया है और गिरगिट की तरह रंग बदलता है। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी जैसी विचारधाराओं को UP में कोई जगह नहीं बताया और कहा कि UP अब 'बीमारू' राज्य नहीं, बल्कि देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
*Photo: Wikimedia Commons / PIB/PMO, GODL-India*