CBI ने 'ऑपरेशन चक्र-VI' के तहत डिजिटल अरेस्ट घोटाले के खिलाफ 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। तीन मामलों में ₹42.36 करोड़ की ठगी की जांच में 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 'ऑपरेशन चक्र-VI' के तहत 'डिजिटल अरेस्ट' घोटाले के खिलाफ 4 सितंबर 2026 को 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
डिजिटल अरेस्ट घोटाले में ठग कानून प्रवर्तन अधिकारी बनकर पीड़ितों को मनोवैज्ञानिक दबाव में लेकर बड़ी रकम ट्रांसफर करवाते हैं। CBI ने तीन प्रमुख मामलों की जांच की जिनमें कुल ₹42.36 करोड़ की ठगी हुई: BITS पिलानी मामले में ₹7.67 करोड़, गुजरात मामले में ₹19.24 करोड़ और कर्नाटक मामले में ₹15.45 करोड़।
गिरफ्तार आरोपियों में हरियाणा के आकाश, कोलकाता के राजा कर्माकर और ज्योति रानी शामिल हैं। ये लोग ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर कर मनी ट्रेल को उलझाने का काम करते थे। आकाश ने एक दिन में ₹1.95 करोड़ अपने खाते से दूसरे खातों में ट्रांसफर किए।
छापेमारी में बैंकिंग दस्तावेज, खाता संबंधी रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए जिनकी फोरेंसिक जांच जारी है। CBI इन आपराधिक नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी रखे हुए है।